उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे देश को हिला दिया. जुड़वा बहन हिमशिखा की हत्या के बाद उसके भाई हार्दिक ने अपनी मां पर भी हमला किया. यह घटना एक ऐसे परिवार की कहानी है जो अपने आप में एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या कोई भाई इतना बेरहम हो सकता है?
हिमशिखा की हत्या के बाद पुलिस ने उसके भाई हार्दिक को गिरफ्तार किया. जब पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की, तो उसकी बातें सुनकर अधिकारी भी सन्न रह गए. हार्दिक ने बताया कि उसने अपनी बहन को इसलिए मारा क्योंकि वह उसे अपनी ‘पर्सनल लाइफ’ को कंट्रोल कर रही थी. उसने कहा, ‘वो मुझे बोलती थी कि लड़की का चक्कर छोड़ और करियर पर ध्यान दे. उसने मुझे कई बार ताने दिए कि मैं एक लड़की के पीछे पागल होकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहा हूं. इसलिए मैंने उसे खत्म कर दिया.’
हार्दिक ने अपनी बहन को मारने के बाद अपनी मां पर भी हमला किया. नीलिमा के कंधे, सीने और उंगलियों पर चाकू के 6 गहरे वार लगे, लेकिन वे किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहीं. हार्दिक को लगता था कि अगर वह अपनी मां को भी मार देता, तो परिवार के साथ उसका कोई संबंध नहीं रह जाएगा और वह जेल में अकेला नहीं होगा।
हार्दिक की हरकतें किसी साइकोपैथ जैसी हैं. पुलिस अब उस इंस्टाग्राम प्रोफाइल की जांच कर रही है जिससे उसने अपनी प्रेमिका के साथ बातें की थीं. क्या वह लड़की वाकई अस्तित्व में है या हार्दिक किसी ‘कैटफिशिंग’ या ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार था, इसकी जांच की जा रही है. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू और कार बरामद कर ली है और हार्दिक को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
यह घटना एक ऐसे परिवार की कहानी है जो अपने आप में एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या कोई भाई इतना बेरहम हो सकता है? यह सवाल हमें अपने परिवार के रिश्तों और हमारे सामाजिक मूल्यों पर विचार करने के लिए मजबूर करता है.

