Uttar Pradesh

अधिकांश स्टॉल खाली, विभागीय लापरवाही के सवाल

कानपुर में पीएम विश्वकर्मा योजना की दो दिवसीय प्रदर्शनी में 80% स्टॉल खाली रहे. मंत्री राकेश सचान के जाने के बाद माहौल पूरी तरह सुनसान हो गया. आयोजन की तैयारियों और विभागीय समन्वय पर सवाल खड़े हो गए.

कानपुर में शहर के फजलगंज स्थित एमएसएमई विकास संस्थान में गुरुवार को आयोजित पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़ी प्रदर्शनी उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब यहां लगाए गए ज्यादातर स्टॉल खाली पड़े मिले. दो दिवसीय इस प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रदेश के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने किया, लेकिन कार्यक्रम में व्यवस्था और भागीदारी दोनों ही बेहद कमजोर नजर आई. हालत यह थी कि करीब 80 प्रतिशत स्टॉल खाली पड़े रहे और सिर्फ चार से पांच स्टॉल पर ही कुछ उत्पाद दिखाई दिए. बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शनी के आयोजन में विभाग की ओर से लाखों रुपये खर्च किए गए थे. उद्देश्य यह था कि पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी अपने उत्पादों को यहां प्रदर्शित करें और लोगों को इस योजना के बारे में जानकारी मिल सके. लेकिन जब कार्यक्रम शुरू हुआ तो ज्यादातर स्टॉल खाली ही दिखाई दिए. इससे कार्यक्रम की तैयारियों और विभागीय समन्वय पर सवाल खड़े हो गए.

लाभार्थियों के न आने से खाली रहे स्टॉल
एमएसएमई विकास संस्थान के सहायक निदेशक अविनाश कुमार ने खुद स्वीकार किया कि जिन लाभार्थियों को प्रदर्शनी में बुलाया गया था, उनमें से ज्यादातर किसी कारणवश नहीं आ सके. उनके मुताबिक करीब 80 प्रतिशत स्टॉल पर लाभार्थियों को अपने उत्पाद दिखाने थे, लेकिन वे नहीं पहुंचे. ऐसे में कार्यक्रम का उद्देश्य ही अधूरा रह गया. स्थानीय लोगों और मौजूद उद्यमियों के बीच भी इस बात की चर्चा रही कि अगर समय रहते लाभार्थियों से समन्वय किया जाता तो शायद यह स्थिति नहीं बनती. प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना से जुड़ा कार्यक्रम होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में स्टॉल खाली रहना विभाग की बड़ी लापरवाही माना जा रहा है।

मंत्री के सामने दिखी औपचारिकता, जाते ही सन्नाटा
कार्यक्रम के दौरान एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कुछ स्टॉलों पर रखे उत्पादों को देखा और कहा कि ऐसे आयोजनों से उद्यमियों का मनोबल बढ़ता है. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत लोन लेकर उत्पाद बना रहे हैं, सरकार उनके उत्पादों की ज्यादा से ज्यादा ब्रांडिंग कराना चाहती है. हालांकि कार्यक्रम में एक अलग ही तस्वीर भी देखने को मिली. जितनी देर मंत्री कार्यक्रम में मौजूद रहे, उतनी देर उनके साथ मौजूद भाजपा नेता और कार्यकर्ता फोटो खिंचवाने में व्यस्त रहे. मंत्री के कार्यक्रम स्थल से जाते ही वहां का माहौल बिल्कुल बदल गया और कुछ ही देर में पूरे परिसर में सन्नाटा पसर गया. गौरतलब है कि पीएम विश्वकर्मा योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ड्रीम योजनाओं में शामिल है और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इसे लगातार बढ़ावा देने की बात करते हैं. इसके बावजूद कानपुर में आयोजित इस प्रदर्शनी की स्थिति ने विभागीय तैयारियों और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब चर्चा इस बात की हो रही है कि इतनी महत्वपूर्ण योजना के कार्यक्रम में अगर यही हाल रहा, तो इसका संदेश लाभार्थियों और उद्यमियों तक क्या जाएगा.

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