लखीमपुर खीरी में शंकर का 8 इंच का पापड़ बना लोगों की पहली पसंद, खाने के लिए रोजाना उमड़ती है भीड़
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में शंकर का 8 इंच का पापड़ इतना मशहूर है कि इसे खाने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. दाउदपुर चौराहे पर लखीमपुर-पलिया स्टेट हाईवे के किनारे शंकर का ठेला 28 सालों से लोगों का दिल जीत रहा है. इस पापड़ का स्वाद इतना लाजवाब है कि जो एक बार खाता है, वह बार-बार लौटकर आता है।
शंकर बताते हैं कि उनके पिताजी ने 1997 में इस ठेले की शुरुआत की थी. उस समय पापड़ का दाम सिर्फ 1.50 रुपये था. जैसे-जैसे महंगाई बढ़ी, पापड़ की कीमत भी बढ़कर अब 15 रुपये हो गई है. फिर भी लोग इसकी दीवानगी में लंबा इंतजार करने को तैयार रहते हैं. रोजाना सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक ठेला लगता है, और हर दिन करीब 800 पापड़ बिक जाते हैं।
पापड़ बनाने की खास रेसिपी इस 8 इंच के पापड़ को बनाने का तरीका भी अनोखा है. सबसे पहले चावल के आटे का घोल तैयार किया जाता है, जिसमें मैदा, घर पर बना बेसन, और नमक मिलाया जाता है. इस मिश्रण को गोल आकार देकर तीन घंटे तक सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है. फिर इसे गर्म तेल में तलकर तैयार किया जाता है. पापड़ को और स्वादिष्ट बनाने के लिए इसके ऊपर मटर, नमक, मिर्च, गरम मसाला, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, खट्टा पाउडर और कटी हुई प्याज डालकर सजाया जाता है. यही खासियत इसे अनूठा बनाती है।
क्यों है इतना खास?
शंकर का कहना है कि उनके पापड़ का स्वाद और गुणवत्ता ही लोगों को आकर्षित करती है. कई लोग 20-30 किलोमीटर दूर से सिर्फ इस पापड़ का स्वाद लेने आते हैं. सुबह से दोपहर तक ठेले पर भीड़ लगी रहती है. यह 28 साल पुरानी दुकान न सिर्फ स्वाद का केंद्र है, बल्कि लखीमपुर की पहचान भी बन चुकी है.