Uttar Pradesh

50 दिन में तैयार, 1 फसल से लाखों की कमाई! किसानों की किस्मत बदल रही ये विदेशी सब्जी, मार्केट में भारी डिमांड

Last Updated:January 20, 2026, 15:28 ISTProfitable Vegetable Farming: आइसबर्ग लेट्यूस की विदेशी पत्तेदार सब्जी अब किसानों के लिए कम समय में ज्यादा मुनाफा देने वाली नकदी फसल बन गई है. बाराबंकी के किसान जवाहर यादव डेढ़ बीघा में इसकी खेती कर एक फसल से तगड़ा मुनाफा कमा रहे हैं. होटल, रेस्टोरेंट और सुपरमार्केट में इसकी लगातार मांग रहती है जिस कारण किसने इससे तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं.Profitable Vegetable Farming: हमारे देश में पारंपरिक सब्जियों की खेती लंबे समय से होती आ रही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में विदेशी सब्जियों की मांग तेजी से बढ़ी है. खासतौर पर शहरों में लोग हेल्दी और विदेशी सब्जियों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. इसी बढ़ती मांग का फायदा किसानों को मिल रहा है. ऐसी ही एक फसल है आइसबर्ग लेट्यूस (Profitable Farming), जिसे लोग विदेशी पत्तेदार सब्जी भी कहते हैं. यह कम समय में अच्छा मुनाफा देने वाली नकदी फसल साबित हो रही है.आइसबर्ग की डिमांड होटल, रेस्टोरेंट, मॉल्स और फास्ट फूड चेन में लगातार बनी रहती है. इसके कारण इसकी कीमत सामान्य सब्जियों की तुलना में कहीं ज्यादा मिलती है और किसान अच्छी आमदनी कमा रहे हैं.

कम समय में तगड़ा बड़ा मुनाफाजिले के शरीफाबाद गांव के किसान जवाहर यादव आइसबर्ग की खेती कर कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. उन्होंने अन्य फसलों के साथ आइसबर्ग की खेती शुरू की, जिसमें उन्हें जल्द ही अच्छा लाभ देखने को मिला. आज वह लगभग डेढ़ बीघा में आइसबर्ग की खेती कर रहे हैं और एक फसल से 90 हजार से 1 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं.

जवाहर यादव ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि ज्यादातर वे हरी सब्जियों की खेती करते हैं, जिसमें शिमला मिर्च, टमाटर, फूलगोभी, मटर जैसी फसलें शामिल हैं. दो सालों से वे आइसबर्ग की खेती कर रहे हैं, जो एक विदेशी सब्जी है और इसकी डिमांड अन्य फसलों की तुलना में कहीं ज्यादा है.उनके पास लगभग डेढ़ बीघा में आइसबर्ग लगा है, जिसमें एक बीघे की लागत करीब 10 से 15 हजार रुपये आती है. वही मुनाफा एक फसल पर 90 हजार से 1 लाख रुपये तक हो जाता है. आइसबर्ग की डिमांड बड़े होटल, रेस्टोरेंट और सुपरमार्केट में बनी रहती है, इसलिए कीमत भी अच्छी मिलती है.

आइसबर्ग की खेती की आसान विधिआइसबर्ग की खेती करना काफी आसान है. पहले इसके बीजों की नर्सरी तैयार की जाती है. इसके बाद खेत की दो-तीन बार जुताई की जाती है. फिर जैविक और अन्य खाद का छिड़काव करके खेत को समतल किया जाता है और आइसबर्ग के पौधों की रोपाई की जाती है.रोपाई के तुरंत बाद सिंचाई करनी होती है. रोपाई के लगभग 50 से 55 दिनों बाद फसल तैयार हो जाती है, जिसे तोड़कर बाजार में बेच सकते हैं. इस तरह किसान कम समय में अच्छी कमाई कर सकते हैं.About the AuthorSeema Nathसीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ेंLocation :Bara Banki,Uttar PradeshFirst Published :January 20, 2026, 15:28 ISThomeagriculture50 दिन में तैयार, लाखों की कमाई! किसानों की किस्मत बदल रही ये विदेशी सब्ज़ी

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