Uttar Pradesh

400 साल पुराना प्यार, आशिक-माशूका की अद्भुत लव स्टोरी, जहां आज भी प्रेमी जोड़े मांगने आते हैं मिन्नतें

Last Updated:December 27, 2025, 16:26 ISTAashiq Mashooka Love Story: धर्म नगरी काशी में प्रेम की एक ऐसी कहानी भी है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है. लैला-मजनूं और हीर-रांझा जैसी प्रसिद्ध कहानियों की तरह, आशिक माशूका की प्रेम कहानी करीब 400 साल पुरानी है और आज भी लोग इसे सुनते-सुनाते रह जाते हैं. आइए पढ़ते है इनकी प्रेम कहानी… वाराणसी के सिगरा क्षेत्र में आशिक माशूका का मजार है, जो मोहब्बत करने वालों के लिए किसी मंदिर से कम नहीं माना जाता. शुक्रवार को प्रेमी जोड़े आज भी चोरी-छुपे यहां आते हैं और मजार पर आकर अपनी मिन्नतें मांगते हैं. शुक्रवार के अलावा वैलेंटाइन वीक में भी आशिक माशूका के मजार पर प्रेमी जोड़ों की भीड़ देखने को मिलती है. मजार की देखरेख करने वाले मोहम्मद फरीद शाह बताते हैं कि इस मजार पर प्रेमी जोड़ों की हर मुराद पूरी होती है. यही वजह है कि लोग अपनी अधूरी प्रेम कहानी को पूरा करने के लिए यहां मत्था टेकते हैं. किस्सों के अनुसार, 400 साल पहले मोहम्मद यूसुफ नाम के शख्स की मुलाकात एक मेले में मरयम से हुई थी. पहली ही नजर में दोनों में प्यार हो गया और मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो गया. इसके बाद उनके प्रेम की चर्चा पूरे शहर में होने लगी. जब मरयम के घरवालों को इस बात का पता चला, तो उन्होंने उसे अपने एक रिश्तेदार के पास भेज दिया. Add News18 as Preferred Source on Google इसके बाद यूसुफ कई दिनों तक मरयम से नहीं मिल सका. बेचैन यूसुफ मरयम की तलाश में उसके दोस्तों तक गया और तब उसे मरयम का पता लगा. प्यार में पागल यूसुफ मरयम को ढूंढते हुए गंगा किनारे पहुंचा, जहां नदी के किनारे मरयम की चप्पल पड़ी मिली. फिर यूसुफ उसे ढूंढने के लिए गंगा में कूद गया. उधर, जब मरयम को इस बात की जानकारी हुई, तो वह भी गंगा में कूद गई. दोनों के परिजन उन्हें ढूंढने के लिए गंगा किनारे पहुंचे. काफी प्रयासों के बाद जब दोनों का शव मिला, तो वे एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए थे. मरयम और यूसुफ का सुपुर्दे खाक सिगरा क्षेत्र में हुआ, जहां उनकी मजार बनाई गई. प्रेम की यह अद्भुत कहानी जब लोगों के बीच चर्चा में आई, तो प्यार के परवाने मिन्नतें मांगने के लिए यहां आने लगे.न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :December 27, 2025, 16:13 ISThomeuttar-pradeshलैला-मजनूं और हीर-रांझा जैसी कहानी, जानिए आशिक-माशूका का रोमांचक किस्सा

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