Last Updated:December 29, 2025, 09:10 ISTRampur News: रामपुर के किसान अनवर अली ने पशुपालन से कम खर्च में अच्छी कमाई का उदाहरण पेश किया है. उन्होंने 260 रुपये में खरीदी देशी भैंस से आज रोजाना 10 लीटर दूध उत्पादन शुरू किया है, जिसकी कीमत करीब 80 हजार रुपये हो चुकी है. देसी तरीकों से देखभाल, संतुलित आहार और नियमित टहलाने से भैंस स्वस्थ रहती है. पशुपालन से उन्हें नियमित आमदनी के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है.Rampur News: रामपुर के किसान अनवर अली ने पशुपालन के जरिए अच्छी आमदनी का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है. उन्होंने महज 260 रुपए में एक देसी भैंस खरीदी थी, जो आज करीब 80 हजार रुपए की हो चुकी है. यह भैंस रोजाना 10 लीटर दूध देती है, जिसे 55 रुपए प्रति लीटर के भाव से बेचा जा रहा है. अनवर अली बताते हैं कि उनकी भैंस पूरी तरह देशी नस्ल की है और उसकी देखभाल पारंपरिक देसी तरीकों से की जाती है.
खिलाया जाता है हरा चार-सूखा भूसाभैंस के खाने में नियमित रूप से हरा चारा दिया जाता है, इसके साथ सूखा भूसा भी खिलाया जाता है. अतिरिक्त पोषण के लिए भैंस को गुड़ और थोड़ी मात्रा में तेल भी दिया जाता है. भैंस को रोजाना साफ पानी पिलाया जाता है. उसके रहने की जगह को प्रतिदिन साफ किया जाता है और बैठने व बांधने की जगह को सूखा और स्वच्छ रखा जाता है, जिससे बीमारी का खतरा कम रहता है.
टहलाने से भूख और दूध में होता है सुधारअनवर अली रोजाना एक बार अपनी भैंस को जंगल में टहलाने ले जाते हैं. टहलाने का समय तय होता है और भैंस को खुली जगह में चरने दिया जाता है. इससे भैंस की शारीरिक गतिविधि बनी रहती है और उसका स्वास्थ्य बेहतर रहता है. पशुपालक का कहना है कि टहलाने से भैंस की भूख और दूध उत्पादन दोनों में सुधार होता है.
कम खर्च में लंबे समय देती है दूधअनवर अली के अनुसार, देशी भैंस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम खर्च में लंबे समय तक दूध देती है. इसमें बीमारियां भी कम होती हैं, जिससे दवाओं पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता. इस भैंस से अब तक दो बच्चे भी हो चुके हैं. किसान का कहना है कि पशुपालन में अच्छी कमाई इसलिए बनी रहती है क्योंकि यह स्वतंत्र व्यवसाय है और किसी नौकरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता.
कम खर्च में ज्यादा मुनाफादूध रोज बिकता है, जिससे नियमित आमदनी होती है. अगर पशुओं की सही देखभाल की जाए तो खर्च कम और मुनाफा ज्यादा रहता है. समय के साथ पशुओं की संख्या भी बढ़ती रहती है. जरूरत पड़ने पर पशु बेचकर एक साथ अच्छा मुनाफा भी कमाया जा सकता है. यही कारण है कि पशुपालन लंबे समय तक फायदेमंद व्यवसाय साबित होता है.About the AuthorRahul Goelराहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ेंLocation :Rampur,Uttar PradeshFirst Published :December 29, 2025, 09:10 ISThomeuttar-pradesh260 रुपए की भैंस, अब 80 हजार में बिक रही… रोजना देती है 10 लीटर दूध

