The Victim Found The Accused, The Policeman Left This, Said, If He Is A Drug Addict, Then There Will Be A Case Against Me. – पीड़ित ने ढूंढ निकाला आरोपी, दरोगा ने ये कहकर छोड़ दिया नशेड़ी है मर गया तो मुझ पर हत्या केस दर्ज हो जाएगा

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मुरादाबाद। पुलिस का भी अजीब हाल है। मकान के ताले तोड़कर चोरी करने वाले जिस आरोपी चोर को ढूंढने के लिए मकान स्वामी ने पूरे मोहल्ले के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल डाली। उस आरोपी को दरोगा ने चौकी से ये कहकर छोड़ दिया, ये तो नशेड़ी है अगर मर गया तो मेरे ऊपर केस दर्ज हो जाएगा। मूलरूप से मूंढापांडे थानाक्षेत्र के चंदनपुर निवासी महेंद्र पाल सिंह ने कटघर के गोविंद नगर लंका बाग मोहल्ले में अपना मकान बनवा लिया है। यहां वह पत्नी रीना और दोनों बच्चों के साथ रहते हैं। महेंद्र लाकड़ी फाजलपुर स्थित निर्यात फर्म के आईटी विभाग में कार्यरत हैं। महेंद्र ने बताया कि वह 22 अगस्त को अपनी पत्नी रीना, बेटी आराध्या और बेटे अरव राजपूत को लेकर रामपुर में अपनी ससुराल गए थे। मकान पर ताला लगा दिया था। 23 अगस्त की सुबह करीब छह बजे पड़ोसी संजीव विश्नोई ने मकान के ताले टूटे देखे तो तुरंत महेंद्र को कॉल कर इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर महेंद्र घर आए। यहां आकर देखा तो पता चला कि चोर मकान और कमरे में रखी अलमारी के ताले तोड़कर करीब छह हजार रुपये की नकदी समेत सोने-चांदी के जेवर ले गए हैं। महेंद्र ने कटघर थाने में केस भी दर्ज कराया, मगर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी का कोई प्रयास नहीं किया। महेंद्र का कहना है कि खुद उन्होंने चोरों की तलाश शुरू कर दी। मोहल्ले के करीब दस मकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तब जाकर तीन जगह के कैमरों की फुटेज में चोर दिखाई दिए। जिससे पता चला कि चोर तड़के तीन बजे मकान के ताले तोड़कर अंदर घुसे थे। फुटेज से एक आरोपी चोर की तस्दीक भी हो गई। इसकी जानकारी चौकी और थाने में दी गई। पीड़ित का कहना है कि चौकी पर तैनात दरोगा पुष्पेंद्र कुमार ने आरोपी को चौकी बुलाया और उससे पूछताछ की। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। पीड़ित ने जब दरोगा से इसकी जानकारी मांगी तो दरोगा ने तर्क दिया कि आरोपी नशा करता है। उसकी हालत ठीक नहीं थी। अगर वो चौकी में मर जाता तो उनके ऊपर केस दर्ज हो जाता। इसलिए उसे छोड़ दिया।मैंने उसे पूछताछ के लिए चौकी बुलाया था। उससे पूछताछ में कोई जानकारी नहीं मिली थी। इसके बाद ही उसे छोड़ा गया था। केस की विवेचना चौकी इंचार्ज कर रहे हैं। चौकी इंचार्ज को बुखार है। उनके आने तक उसे चौकी में तो नहीं बैठाया जा सकता था। – पुष्पेंद्र कुमार, दरोगा मैंने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से एक चोर की तस्दीक की है। चौकी पर उसे बुलाया भी गया था, मगर पुलिस कर्मियों ने उसे बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया है। दरोगा बोल रहे थे कि वो नशेड़ी है। चौकी में मर गया तो मेरे ही ऊपर केस दर्ज हो जाएगा। – महेंद्र पाल सिंह, मकान मालिक

मुरादाबाद। पुलिस का भी अजीब हाल है। मकान के ताले तोड़कर चोरी करने वाले जिस आरोपी चोर को ढूंढने के लिए मकान स्वामी ने पूरे मोहल्ले के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल डाली। उस आरोपी को दरोगा ने चौकी से ये कहकर छोड़ दिया, ये तो नशेड़ी है अगर मर गया तो मेरे ऊपर केस दर्ज हो जाएगा।

मूलरूप से मूंढापांडे थानाक्षेत्र के चंदनपुर निवासी महेंद्र पाल सिंह ने कटघर के गोविंद नगर लंका बाग मोहल्ले में अपना मकान बनवा लिया है। यहां वह पत्नी रीना और दोनों बच्चों के साथ रहते हैं। महेंद्र लाकड़ी फाजलपुर स्थित निर्यात फर्म के आईटी विभाग में कार्यरत हैं। महेंद्र ने बताया कि वह 22 अगस्त को अपनी पत्नी रीना, बेटी आराध्या और बेटे अरव राजपूत को लेकर रामपुर में अपनी ससुराल गए थे। मकान पर ताला लगा दिया था। 23 अगस्त की सुबह करीब छह बजे पड़ोसी संजीव विश्नोई ने मकान के ताले टूटे देखे तो तुरंत महेंद्र को कॉल कर इसकी जानकारी दी।

सूचना मिलने पर महेंद्र घर आए। यहां आकर देखा तो पता चला कि चोर मकान और कमरे में रखी अलमारी के ताले तोड़कर करीब छह हजार रुपये की नकदी समेत सोने-चांदी के जेवर ले गए हैं। महेंद्र ने कटघर थाने में केस भी दर्ज कराया, मगर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी का कोई प्रयास नहीं किया। महेंद्र का कहना है कि खुद उन्होंने चोरों की तलाश शुरू कर दी। मोहल्ले के करीब दस मकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तब जाकर तीन जगह के कैमरों की फुटेज में चोर दिखाई दिए। जिससे पता चला कि चोर तड़के तीन बजे मकान के ताले तोड़कर अंदर घुसे थे। फुटेज से एक आरोपी चोर की तस्दीक भी हो गई। इसकी जानकारी चौकी और थाने में दी गई। पीड़ित का कहना है कि चौकी पर तैनात दरोगा पुष्पेंद्र कुमार ने आरोपी को चौकी बुलाया और उससे पूछताछ की। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। पीड़ित ने जब दरोगा से इसकी जानकारी मांगी तो दरोगा ने तर्क दिया कि आरोपी नशा करता है। उसकी हालत ठीक नहीं थी। अगर वो चौकी में मर जाता तो उनके ऊपर केस दर्ज हो जाता। इसलिए उसे छोड़ दिया।

मैंने उसे पूछताछ के लिए चौकी बुलाया था। उससे पूछताछ में कोई जानकारी नहीं मिली थी। इसके बाद ही उसे छोड़ा गया था। केस की विवेचना चौकी इंचार्ज कर रहे हैं। चौकी इंचार्ज को बुखार है। उनके आने तक उसे चौकी में तो नहीं बैठाया जा सकता था।

– पुष्पेंद्र कुमार, दरोगा

मैंने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से एक चोर की तस्दीक की है। चौकी पर उसे बुलाया भी गया था, मगर पुलिस कर्मियों ने उसे बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया है। दरोगा बोल रहे थे कि वो नशेड़ी है। चौकी में मर गया तो मेरे ही ऊपर केस दर्ज हो जाएगा।

– महेंद्र पाल सिंह, मकान मालिक

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