कानपुर: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर भारत में भी दिखाई देने लगा है. भारत में सोने-चांदी के भाव में उछाल आ सकता है, जिसका सीधा असर व्यापारियों पर देखने को मिलेगा. आइए सर्राफा कारोबारी जानते हैं कि व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ सकता है.
मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति का असर अब सीधे सर्राफा बाजार पर दिखाई देने लगा है. जैसे ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात बिगड़ते हैं, निवेशक सुरक्षित ठिकाने की तलाश में सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं. यही वजह है कि पिछले दो दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है.
कानपुर सर्राफा बाजार में ताजा भाव
कानपुर महानगर के सर्राफा बाजार में इस समय 24 कैरेट सोना करीब 1 लाख 75 हजार से 1 लाख 80 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रहा है. वहीं चांदी की कीमत लगभग 2 लाख 85 हजार से 2 लाख 95 हजार रुपये प्रति किलो के बीच बना हुआ है. कारोबारियों का कहना है कि बाजार में हर घंटे हलचल बनी हुई है और रेट लगातार बदल रहे हैं.
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
पिछले दो दिनों में सोने के दाम में कई हजार रुपये की तेजी दर्ज की गई है. चांदी भी पीछे नहीं है. निवेशकों की बढ़ती खरीदारी के कारण दोनों धातुओं में मजबूती बनी हुई है. जब दुनिया में युद्ध या तनाव की स्थिति बनती है, तो शेयर बाजार में अनिश्चितता बढ़ जाती है. ऐसे समय में लोग अपना पैसा सुरक्षित जगह लगाना चाहते हैं. सोना और चांदी को हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता है. यही कारण है कि जैसे ही मिडिल ईस्ट से तनाव की खबरें तेज हुईं, निवेशकों ने तेजी से खरीदारी शुरू कर दी.
कानपुर के सर्राफा कारोबारी पुष्पेंद्र जायसवाल का कहना है कि अभी यह तेजी थमने वाली नहीं है. उनका मानना है कि आने वाले समय में सोना 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है. वहीं चांदी भी 6 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को छू सकती है. उनका कहना है कि जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह अच्छा मौका हो सकता है.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
सर्राफा बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे, तो सोना और चांदी में और उछाल देखने को मिल सकता है. हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है, इसलिए निवेश सोच-समझकर करना चाहिए. कानपुर में इन दिनों शादी-विवाह का सीजन भी चल रहा है, जिससे ज्वेलरी की मांग पहले से ही बनी हुई है. ऐसे में बढ़ती कीमतों का असर आम ग्राहकों की जेब पर भी पड़ रहा है.
कई लोग अभी खरीदारी रोककर बाजार के स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग आगे और तेजी की आशंका में तुरंत खरीदारी कर रहे हैं. फिलहाल साफ है कि मिडिल ईस्ट के हालात का सीधा असर सोना-चांदी पर पड़ा है. अगर वैश्विक तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में सर्राफा बाजार में और बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है. निवेशक और आम ग्राहक दोनों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर टिकी हुई है.

